उत्तराखण्ड सरकार द्वारा उत्तराखण्ड राज्य के किसानो को 60 वर्ष की आयु के उपरांत आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए किसान पेंशन योजना की शुरुआत की गई है।इस योजना के अन्तर्गत उत्तराखण्ड राज्य मे 60 वर्ष से अधिक आयु एवं 02 हैक्टेयर तक के ऐसे भूमिधर किसान,जो स्वयं की भूमि मे खेती करते हो को प्रत्येक माह 1000 रु. की दर से राज्य सरकार द्वारा किसान पेंशन प्रदान की जाती है।
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किसान पेंशन योजना का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के किसानों को जिनकी भूमि 02 हैक्टेयर तक है तथा उनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है को 1000 रु. प्रतिमाह की दर से किसान पेंशन प्रदान करना है। 60 वर्ष की उम्र के उपरांत किसानों की कार्यक्षमता मे कमी हो जाती है तथा उन्हे अपनी आजीविका हेतु दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है।किसानों को किसान पेंशन प्राप्त होने से 60 वर्ष के उपरांत उन्हे जीवन-यापन मे परेशानी नहीं होगी।
किसान पेंशन योजना के मुख्य तथ्य
| योजना का नाम | किसान पेंशन योजना |
| लाभार्थी | राज्य के किसान जिनकी भूमि 02 हैक्टेयर तक है तथा उनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है |
| उद्देश्य | आर्थिक सहायता प्रदान करना। |
| आधिकारिक वेबसाइट | https://ssp.uk.gov.in/ |
| आवेदन का प्रकार | ऑफलाइन |
| आर्थिक सहायता | 1000 रु. प्रतिमाह पेंशन |
किसान पेंशन योजना का लाभ एव विशेषताए
- यह योजना सम्पूर्ण उत्तराखंड मे लागू है।
- किसान महिला या पुरुष कोई भी हो सकता है.
- 60 वर्ष या इससे अधिक उम्र का लाभार्थी किसान 02 हेक्टेयर तक की खुद की जमीन पर खेती करता हो.
- ऐसे किसान जो वर्तमान में स्वयं की भूमि में खेती कर रहे हों तथा जिस दिन से ऐसे किसानों द्वारा स्वयं की भूमि पर खेती करने का कार्य बन्द किया जायेगा, उसी दिन से इस योजना के अन्तर्गत दी जा रही पेंशन की सुविधा स्वतः समाप्त हो जायेगी।
- किसान को किसी अन्य योजना जैसे वृद्धावस्था पेंशन योजना आदि से पेंशन न मिल रही हो।
किसान पेंशन योजना के अंतर्गत पात्रता
- उत्तराखंड का मूल निवासी होना चाहिए.
- किसान की उम्र 60 साल से अधिक होनी चाहिए.
- किसान के पास दो हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि नहीं होनी चाहिए.
- किसान को सरकार की किसी अन्य योजना से वित्तीय लाभ नहीं हो रहा हो.
किसान पेंशन योजना के अंतर्गत आवश्यक दस्तावेज
- किसान का आधार कार्ड
- जमीन के मालिकाना हक के दस्तावेज
- अपनी जमीन होने का शपथ पत्र
- खेती करने संबंधी शपथ पत्र
- किसान के बैंक अकाउंट का विवरण
- पासपोर्ट साइज फोटो
किसान पेंशन योजना के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया
- सर्वप्रथम आपको अपने संबंधित जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय,संबंधित विकास खण्ड अधिकारी कार्यालय में तैनात सहायक समाज कल्याण अधिकारी से निशुल्क आवेदन पत्र प्राप्त करना होगा। आवेदन पत्र आनलाईन भी डाउनलोड किया जा सकता है।
- आवेदन फार्म प्राप्त करने के उपरांत आवेदन फार्म मे मांगी समस्त जानकारी ध्यानपूर्वक भरे।
- आवेदन फार्म भरने के उपरांत आवश्यक दस्तावेज संलग्न करे ।
- इसके बाद आपको अपना आवेदन फॉर्म संबंधित विकास खण्ड कार्यालय या सहायक समाज कल्याण अधिकारी के पास जमा करना होगा।
- आवेदन पत्र एव संलग्न दस्तावेजों की जाँच के उपरांत आप के आवेदन की स्वीकृति हो जाने पर आपको योजना के तहत लाभान्वित किया जाएगा।
आनलाईन आवेदन पत्र डाउनलोड करने की प्रक्रिया
- सर्व प्रथम अपने वेब ब्राउजर पर https://ssp.uk.gov.in/टाईप करे। इसके बाद आपके सामने होम पेज खुल जाएगा ।

- होम पेज पर आपके सामने डाउनलोड का लिंक दिखाई देगा.
- इस लिंक पर क्लिक करने से एक वेब पेज खुल जाएगा जैसा की नीचे दिखाया गया है।

- इस पेज पर आपको “आवेदन फार्म ” के नीचे दिए गए “किसान पेंशन ” लिंक पर क्लिक करना होगा। इसके बाद किसान पेंशन के सामने डाउनलोड का लिंक आ जायेगा ।

- इस लिंक पर क्लिक करने पर आपके सामने किसान पेंशन का फार्म खुल जाएगा।

- इस पंजीकरण फॉर्म पीडीएफ को डाउनलोड करें, इसका प्रिंट निकाल ले। इस प्रकार आप किसान पेंशन का आवेदन पत्र आनलाईन डाउनलोड कर सकते है ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
किसान पेंशन के अंतर्गत कौन-कौन लाभ ले सकता है?
उत्तराखण्ड राज्य के किसान जिनकी आयु 60 वर्ष या इससे अधिक है तथा जिनकी भूमि 02 हैक्टेयर हो तथा वे अपनी भूमि पर खेती करते हो, इस योजना का लाभ ले सकते है।
किसान पेंशन के अंतर्गत कितनी पेंशन प्राप्त होती है?
इस योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1 हजार रु. की पेंशन प्रदान किया जाता है।
किसान पेंशन योजना का लाभ किसान कब तक ले सकते है ?
ऐसे किसान जो वर्तमान में स्वयं की भूमि में खेती कर रहे हों तथा जिस दिन से ऐसे किसानों द्वारा स्वयं की भूमि पर खेती करने का कार्य बन्द किया जायेगा, उसी दिन से इस योजना के अन्तर्गत दी जा रही पेंशन की सुविधा स्वतः समाप्त हो जायेगी।
किसान पेंशन योजना किस विभाग द्वारा संचालित की जाती है?
यह योजना समाज कल्याण विभाग उत्तराखण्ड द्वारा संचालित की जा रही है ।
प्रिय दोस्तों उम्मीद करता हूं कि आपको मेरा यह आर्टिकल के माध्यम से समझ आ गया होगा की किसान पेंशन योजना क्या होता है अथवा इस में आवेदन कैसे करवाया जाता है आगे भी इसी तरह आपको अपने आर्टिकल के माध्यम से और स्कीम्स के बारे में जानकारी प्रदान करता रहूँगा। दोस्तों यदि आप उत्तराखण्ड किसान पेंशन योजना से संबंधित कोई और जानकारी पूछना चाहते हैं तो कमेंट करें हम आपके सवालों का जवाब जरूर देंगे।
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Sarita Mishra is the founder and chief author of Sarakari Yojna, India’s
Hindi-language hub for government welfare schemes. With 17+ years of
experience researching central and state government programs, she
specializes in rural development schemes, pension programs, farmer
welfare initiatives, and women’s empowerment policies. All articles on
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ministry notifications, and gazette publications.

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