प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान भारत सरकार द्वारा देश की महिलाओ के लिए चलाई गई एक महत्त्वपूर्ण अभियान है। इस अभियान के अंतर्गत गर्भवती महिला अपने पूरे गर्भावस्था के दौरान फ्री में जांच करा सकती है। इसमें हर महिला अपनी डिलीवरी तक हर महीने की 9 तारीख तक अपने घर के पास के नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर फ्री में अपनी जांच और इलाज करा सकती है. इसके अलावा प्रसव में परेशानी होने पर भी फ्री में इलाज की व्यवस्था इस योजना द्वारा की गई है।
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प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश की गर्भवती महिलाओ के स्वास्थ्य की देखभाल करना तथा गर्भावस्था के दौरान फ्री मे स्वास्थ्य जांच तथा इलाज करना है।इस योजना मे गर्भवती महिलाओं को सार्वभौमिक तौर पर सुनिश्चित, व्यापक एवं उच्च गुणवत्ता युक्त प्रसव-पूर्व देखभाल प्रदान किया जाता है जिससे माताओ तथा शिशुओ को गर्भावस्था के दौरान होने वाली मृत्यु से बचाया जा सके।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के मुख्य बिन्दु
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) |
| लाभार्थी | गर्भवती महिलाए |
| उद्देश्य | निशुल्क स्वास्थ्य जांच व इलाज प्रदान करना |
| आधिकारिक वेबसाइट | https://pmsma.nhp.gov.in/ |
| आवेदन का प्रकार | ऑफलाइन व आनलाईन |
| योजना का प्रारंभ | 2016 |
| विभाग का नाम | स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय |
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की विशेषताए
- प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा चलाया गया एक महत्वपूर्ण अभियान है तथा यह सम्पूर्ण भारत मे लागू है।
- यह अभियान के तहत सेवाओं को शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में निर्धारित सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी/सीएचसी,डीएच/शहरी स्वास्थ्य केंद्रों आदि) पर उपलब्ध कराया जाएगा।
- इस अभियान का प्रारंभ देश में तीन करोड़ से अधिक गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व देखभाल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
- इस अभियान के तहत लाभार्थियों को हर महीने की 9 तारीख़ को प्रसव पूर्व देखभाल सेवाओं (जांच और दवाओं सहित) का न्यूनतम पैकेज प्रदान किया जाएगा। यदि किसी माह में 9 तारीख को रविवार या राजकीय अवकाश होने की स्थिति में अगले कार्य दिवस पर यह दिवस आयोजित किया जाएगा।
- इस अभियान के अंतर्गत सेवाओं को स्वास्थ्य सुविधा/आउटरीच पर नियमित एएनसी के अतिरिक्त प्रदान किया जाएगा।
- इस अभियान का लक्ष्य सभी गर्भवती महिलाओं तक पहुंचना है, पर विशेष रूप से यह प्रयास होगा कि वे महिलाएं जिन्होंने एएनसी के लिए रजिस्टर नहीं किया है, तथा जिन्होंने रजिस्टर किया है, लेकिन एएनसी सेवाओं का लाभ नहीं उठाया है, एवं उच्च ज़ोखिम गर्भवती महिलाओं तक पहुंचें।
- इस अभियान के अंतर्गत सेवाएं ओबीजीवाई विशेषज्ञों/चिकित्सकों द्वारा उपलब्ध करायी जाएगी।
- निजी क्षेत्र के ओबीजीवाई विशेषज्ञों/चिकित्सकों को, जहां सरकारी क्षेत्र के चिकित्सक उपलब्ध या पर्याप्त नहीं हैं, वहां सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वैच्छिक सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
- इसमें ‘सिंगल विंडो प्रणाली’ के माध्यम से सभी गर्भवती महिलाओं को (गर्भावस्था की दूसरी एवं तीसरी तिमाही में, जिसे डॉक्टर द्वारा सत्यापित किया जाएगा) अल्ट्रासाउंड सहित अन्य दवाइयाँ व सप्लीमेंट्स आदि प्रदान करने की व्यवस्था की गई है।
- गर्भवती महिलाओं को मातृ एवं बाल संरक्षण कार्ड तथा सुरक्षित मातृत्व पुस्तिकाएं दी जाएगी।
- इसके तहत उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें ‘लाल स्टीकर’ तथा सामान्य गर्भावस्था वाली महिलाओं को ‘हरे रंग का स्टीकर’ प्रदान किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार इन्हें फॉलो-अप की सुविधा प्रदान कराई जाएगी।
- इस अभियान के अंतर्गत निज़ी/स्वैच्छिक क्षेत्रों को शामिल करने के लिए पीएमएसएमए एवं मोबाइल एप्लीकेशन को राष्ट्रीय पोर्टल पर विकसित किया गया है।
- भारत के राज्यों एवं जिलों में पीएमएसएमए के लिए ‘मैं शपथ लेता हूँ’ के तहत व्यक्तिगत व समूह उपलब्धियों तथा स्वैच्छिक योगदान को सम्मानित करने के लिए सफ़ल पुरस्कार योजना तैयार की गयी है।

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत पात्रता
- यह योजना केवल गर्भवती महिलाओं के लिए लागू है ।
- योजना उन महिलाओं के लिए है जो शहरी क्षेत्रों या अर्ध-शहरी क्षेत्रों से नहीं हैं ।
- ग्रामीण इलाकों से गर्भवती माताओं को इस नि: शुल्क स्वास्थ्य देखभाल लाभ प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया जाएगा ।
- गर्भावस्था के 3 से 6 महीने में महिलाएं इस प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) का लाभ लेने के लिए पात्र होंगी ।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत लाभ लेने की प्रक्रिया
इस योजना का लाभ लेने के लिए आपको गर्भ धारण किए 3 से 6 महीने हो चुके हैं तो आप किसी भी नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर रजिस्ट्रेशन कराना होता है। इसके बाद आपका कार्ड बन जाता है। इस कार्ड को लेकर आप महीने की 9 तारीख को किसी भी सरकारी अस्पताल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच और डिलीवरी करा सकती हैं।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत गर्भवती महिलाओ को लाभ
इस अभियान के अंतर्गत गर्भवती महिलाओ को निम्नलिखित सेवाए प्रदान की जाती है :-
पंजीकरण
एएनएम/स्टाफ नर्स पीएमएसएमए केंद्र में आने वाली गर्भवती महिला को पंजीकृत करेगी और उन्हें मातृ एवं बाल संरक्षण कार्ड तथा सुरक्षित मातृत्व की पुस्तिका देगी।
परीक्षण
स्टाफ नर्स/एएनएम गर्भवती महिला की ऊंचाई और वज़न लेगी और उसकी नब्ज एवं बीपी की जांच करेगी तथा निष्कर्ष रिकॉर्ड करेगी। वह निदान के लिए माता को प्रयोगशाला में भेजेंगी।
प्रयोगशाला जांच
हेमोग्लोबिन, मूत्र ऐल्ब्यूमन और शर्करा, मलेरिया, वीडीआरएल, एचआईवी, रक्त समूह, जीडीएम के लिए ओजीटीटी का उपयोग करके जांच।
अल्ट्रासोनोग्राफी (यूएसजी)
सभी पीएमएसएमए लाभार्थी, जो कि पीएमएसएमए में पंजीकृत हैं, अपनी जांच की रिपोर्ट के साथ प्रसूति-विज्ञानी (ऑब्स्टेट्रिशियन)/चिकित्सीय अधिकारी द्वारा परीक्षण/जाँच कराएगें। चिकित्सक द्वारा परीक्षण, जांच व यूएसजी रिपोर्ट के आधार पर लाल स्टीकर/स्टेप उन महिलाओं के एमसीपी कार्ड में लगाया जाता है, जो कि ‘उच्च ज़ोखिम’ से पीड़ित पायी जाती हैं। इंजेक्शन टेटनस टॉक्साइड, टैब्लेट आयरन फोलिक एसिड, टैब्लेट कैल्शियम तथा अन्य दवाएं चिकित्सा अधिकारी द्वारा निर्धारित की जाती है।
परामर्श
सभी गर्भवती महिलाओं को आहार, नींद, नियमित एएनसी जांच, संस्थागत प्रसव, स्तनपान, गर्भनिरोधक आदि पर समूह परामर्श (दस से बारह के समूह) दिया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान कब प्रारंभ किया गया ?
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का प्रारंभ 2016 मे किया गया।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत कौन लाभ ले सकता है?
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का लाभ गर्भवती महिलाए ले सकती है।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत लाभ लेने की प्रक्रिया क्या है?
इस योजना का लाभ लेने के लिए आपको गर्भ धारण किए 3 से 6 महीने हो चुके हैं तो आप किसी भी नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर रजिस्ट्रेशन कराना होता है। इसके बाद आपका कार्ड बन जाता है। इस कार्ड को लेकर आप महीने की 9 तारीख को किसी भी सरकारी अस्पताल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच और डिलीवरी करा सकती हैं।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान किस विभाग द्वारा चलाया जा रहा है?
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा चलाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत कौन-कौन से टेस्ट फ्री मे करा सकते है ?
इस योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाएं ब्लड प्रेशर, ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, हीमोग्लोबिन जांच और अल्ट्रासाउंड आदि की जांच में फ्री करवा सकती हैं। इसके लिए उन्हें अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाना होता है।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत मातृत्व दिवस कब मनाया जाता है ?
इस अभियान के तहत हर महीने की 9 तारीख़ को मातृत्व दिवस मनाया जाता है। यदि किसी माह में 9 तारीख को रविवार या राजकीय अवकाश होने की स्थिति में अगले कार्य दिवस पर यह दिवस आयोजित किया जाता है।
प्रिय दोस्तों उम्मीद करता हूं कि आपको मेरा यह आर्टिकल के माध्यम से समझ आ गया होगा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान क्या है और इस में आवेदन कैसे किया जाता है आगे भी इसी तरह आपको अपने आर्टिकल के माध्यम से और स्कीम्स के बारे में जानकारी प्रदान करता रहूँगा। दोस्तों यदि आप प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान से संबंधित कोई और जानकारी पूछना चाहते हैं तो कमेंट करें हम आपके सवालों का जवाब जरूर देंगे।
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Sarita Mishra is the founder and chief author of Sarakari Yojna, India’s
Hindi-language hub for government welfare schemes. With 17+ years of
experience researching central and state government programs, she
specializes in rural development schemes, pension programs, farmer
welfare initiatives, and women’s empowerment policies. All articles on
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ministry notifications, and gazette publications.
