भारत सरकार द्वारा भारत देश के ग्रामीण क्षेत्र मे रहने वाले अकुशल श्रमिकों को रोजगार प्रदान करने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की शुरुआत की गई है।यह एक कानून है जिसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र मे रहने वाले परिवारों को वर्ष मे 100 दिवस के रोजगार प्रदान करने की गारंटी भारत सरकार द्वारा प्रदान की जाती है।इस योजना मे मजदूरी की दर प्रति वर्ष भारत सरकार द्वारा प्रत्येक राज्य के लिए अलग-अलग निर्धारित की जाती है।
Table of Contents
मनरेगा योजना का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के रहने वाले श्रमिक जिनकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक है और जो अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक है के परिवार को एक वित्तीय वर्ष मे 100 दिन के रोजगार की गारंटी प्रदान करना है। इस योजना के द्वारा रोजगार सृजन के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्ति के निर्माण किया जाता है।
मनरेगा योजना के मुख्य तथ्य
| योजना का नाम | महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी अधिनियम(मनरेगा योजना) |
| योजना का प्रारंभ | केंद्र सरकार द्वारा |
| विभाग | ग्राम्य विकास विभाग |
| योजना का प्रारंभ | 02 फरवरी 2006 |
| लाभार्थी | ग्रामीण क्षेत्र मे निवास करने वाले श्रमिक |
| आधिकारिक वेबसाईट | nrega.nic.in |
मनरेगा योजना की विशेषताए
- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) एक कानून है, जो शासन को इस बात के लिए बाध्य करता है कि वह किसी भी ग्रामीण परिवार के वैसे सदस्यों को जो अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक हो को एक साल में सौ दिन का रोजगार मुहैया कराये।
- 25 अगस्त 2005 को नरेगा कानून देश में लागू हुआ।
- मनरेगा शुरू में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम यानी नरेगा कहा गया था। दो अक्तूबर 2009 को महात्मा गांधी की जयंती पर इसे महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम यानी मनरेगा नाम दिया गया।
- मनरेगा (तब नरेगा) योजना दो फरवरी, 2006 को देश के 200 जिलों में शुरू की गयी थी।
- वित्तीय वर्ष 2007-08 मे इसे और 130 जिलों में विस्तारित किया गया तथा वर्ष 2008-09 में पहली अप्रैल से यह देश के सभी 593 जिलों में लागू की गयी।
- मनरेगा के तहत केंद्र सरकार मजदूरी की लागत, माल की लागत का 3/4 भाग और प्रशासनिक लागत का कुछ प्रतिशत वहन करती है।
- राज्य सरकारें बेरोजगारी भत्ता, माल की लागत का 1/4 और राज्य परिषद की प्रशासनिक लागत को वहन करती है
- इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक परिवार को एक जाबकार्ड जारी किया जाता है।
- इस योजना के अंतर्गत कार्य के लिए श्रमिक को कार्य की मांग अपने से संबंधित ग्राम पंचायत या कार्यक्रम अधिकारी से करनी होती है।
- यदि आवेदन करने के 15 दिनों के भीतर काम नहीं दिया जाता है, तो आवेदक बेरोजगारी भत्ता के हकदार हैं।
- जनसुनवाई की प्रक्रिया द्वारा लोकतांत्रिक शासन को बढ़ावा देना

मनरेगा योजना के अंतर्गत जाबकार्ड के लिए पात्रता
- आवेदक संबंधित ग्राम पंचायत का स्थायी निवासी हो।
- आवेदक की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक होना चाहिए।
- आवेदक अकुशल शारीरिक श्रम करने का इच्छुक हो।
मनरेगा योजना के अंतर्गत जाबकार्ड के आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
- आवेदन पत्र
- आवेदक की पासपोर्ट साईज फ़ोटो
- निवास प्रमाण पत्र
- आधार की प्रति
- बैंक खाते की प्रति
मनरेगा योजना के अंतर्गत जाबकार्ड के आवेदन की प्रक्रिया
- मनरेगा योजना अंतर्गत जाबकार्ड के लिए आवेदन के लिए सर्वप्रथम आपको संबंधित ग्राम पंचायत या संबंधित कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय से आवेदन पत्र प्राप्त करना होगा।
- इसके बाद आवेदन पत्र मे मांगी गई समस्त सूचनाए ध्यानपूर्वक भरे।
- आवेदन पत्र के साथ आधार कार्ड व बैंक पास बुक की प्रति संलग्न करे।
- इसके उपरांत आवेदन पत्र को ग्राम पंचायत कार्यालय मे जमा कर दे।
- आवेदन जमा होने के 14 दिवस के अंतर्गत संबंधित अधिकारी द्वारा आवेदन पत्र का सत्यापन किया जाता है तथा पात्र होने की अवस्था मे जाबकार्ड निर्गत कर दिया जाता है।
मनरेगा अंतर्गत कार्य के लिए आवेदन
- मनरेगा योजना अंतर्गत कार्य के लिए आवेदन हेतु आपको संबंधित ग्राम पंचायत या संबंधित कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय से आवेदन प्राप्त करना होगा। यह आवेदन मौखिक भी किया जा सकता है।
- इसके उपरांत आवेदन पत्र मे मांगी गई समस्त सूचना जैसे जाबकार्ड संख्या, कार्य मांग के दिन व स्थल का विवरण भरे।
- इसके उपरांत आवेदन पत्र को संबंधित ग्राम पंचायत कार्यालय मे जमा करा दे।
- आवेदन पत्र जमा करने के उपरांत ग्राम पंचायत कार्यालय द्वारा आपको प्राप्ति रसीद दी जाएगी।
- इसके उपरांत कार्य मांग के 14 दिवस अंदर आपको रोजगार उपलब्ध करा दिया जाएगा।
मनरेगा योजना अंतर्गत कराए जाने वाले कार्य
मनरेगा योजना अंतर्गत कराए जाने वाले अनुमन्य कार्यों को चार श्रेणियों मे निम्न प्रकार विभाजित किया गया है
I. प्रवर्ग अ : प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से संबंधित लोक निर्माण
- पेय जल स्रोत सहित परिष्कृत भूजल पर विशेष ध्यान के साथ भूमिगत बांध, मिट्टी के बांध, ठहराव बांध, रोक बांधों जैसे भूजल की वृद्धि और सुधार के लिए जल संरक्षण और जल शास्य ;
- जल संचय के व्यापक उपचार के परिणामस्वरूप खाई रुपरेखा, कगार, खाई पुश्ता, गोलाश्म अवरोध पीपा ढांचे और झरना शेड विकास जैसे जलसंभर प्रबंधन कार्य ;
- सूक्ष्म और लघु सिंचाई कार्य और सिंचाई नहरों तथा नालियों का सृजन, पुनरुज्जीवन और अनुरक्षण;
- सिंचाई कुंडों और अन्य जलाशयों की डिसिल्टिंग सहित पारंपरिक जलाशयों का पुनरुज्जीवन।
- पैरा 5 में आने वाली गृहस्थी के भोगाधिकार सम्यक रूप से प्रदान करके सामान्य और वन भूमियों, सड़क सीमांतों, नहर बंद, कुंड तटाग्र और तटीय पट्टी में वन भूमि में वृक्षारोपण, वृक्ष उगाना, और बागवानी तथा;
- चारागाह विकास; स्टाइलो इत्यादि जैसे बारहमासी घास
- बांस तथा रबर और नारियल पौधरोपण
- सामान्य भूमि में भूमि विकास कार्य।
II. प्रवर्ग आ : सामुदायिक आस्तियां या वैयक्तिक आस्तियां
- भूमि विकास के माध्यम से और खुदे हुए कुंओं, कृषि तालाबों तथा अन्य जल संचयन संरचनाओं सहित सिंचाई के लिए उपयुक्त अवसंरचना उपलब्ध कराकर पैरा 5 में विनिर्दिष्ट गृहस्थियों की भूमि की उत्पादकता में सुधार करना;
- उद्यान कृषि, रेशम कृषि, पौधरोपण और कृषि वानिकी के माध्यम से आजीविका में सुधार करना;
- जुताई के अधीन लाने के लिए पैरा 5 में परिभाषित गृहस्थियों की परती भूमि या बंजर भूमि, का विकास;
- चारागाह विकास; स्टाइलो, वेटिवर इत्यादि जैसे बारहमासी घास
- बांस तथा रबर और नारियल पौधरोपण
- कुक्कुट आश्रय, बकरी आश्रय, सुकर आश्रय, पशु आश्रय चारा द्रोणिका जैसे पशु धन के संवर्धन के लिए अवसंरचना का सृजन करना; और
- मछली शुष्कण यार्डों, भंडारण सुविधाओं जैसे मत्स्य पालन और सार्वजनिक भूमि पर मौसमी जलाशयों में मत्स्यपालन के संवर्धन के लिए अवसंरचना सृजित करना;
- जैव उर्वरक (एनएडीईपी, वर्मी-कंपोस्टिंग इत्यादि)
- प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)(मनरेगा के अंतर्गत 90/95 मानव दिवस का रोजगार)
III. प्रवर्ग इ : एनआरएलएम का अनुपालन करने वाले स्वयं सहायता समूहों के लिए सामान्य अवसंरचना
- कृषि उत्पादकता मे वृद्धि संबंधी कार्य
- स्वयं सहायता समूहों के आजीविका क्रियाकलाप हेतु वर्क शेड का निर्माण
IV प्रवर्ग ई : ग्रामीण अवसंरचना
- ग्रामीण स्वच्छता संबंधी कार्य
- खेल का मैदान
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के उपबंधों को कार्यान्वित करने के लिए खाद्यान्न भंडारण संरचनाओं का संनिर्माण;
- विद्यालय की चारदीवारी
- ग्रामीण हाट
- सर्वमौसम सड़क संयोजकता
- आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण
- शवदाह गृह
मनरेगा अंतर्गत अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मनरेगा योजना क्या है?
मनरेगा योजना भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है जो ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए है। इसका उद्देश्य प्रतिष्ठान और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करना, ग्रामीण भूमि विकास को संवारना, और ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना है।
मनरेगा योजना के लाभ कैसे प्राप्त किए जा सकते हैं?
मनरेगा योजना के लाभ प्राप्त करने के लिए, आपको अपने ग्राम पंचायत या MGNREGA कार्यालय में जाकर रोजगार के लिए आवेदन करना होगा। आपको जॉब कार्ड और आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ आवेदन करना होगा।
जॉब कार्ड क्या है?
जॉब कार्ड एक दस्तावेज़ है जो ग्रामीण परिवारों को जारी किया जाता है जो MGNREGA योजना के तहत पंजीकृत और योग्य होते हैं। इसका उपयोग रोजगार और लाभों के लिए आवेदन करने और प्राप्त करने के लिए किया जाता है।
जॉब कार्ड कैसे प्राप्त किया जाता है?
जॉब कार्ड प्राप्त करने के लिए, ग्राम पंचायत या MGNREGA कार्यालय में आवेदन करना होता है। इसके लिए आपको आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ आवेदन करना पड़ता है और पंजीकरण प्रक्रिया का पालन करना होता है।
जॉब कार्ड के लाभ क्या हैं?
जॉब कार्ड के प्राप्त होने से ग्रामीण परिवारों को MGNREGA योजना के तहत कई लाभ मिलते हैं, जैसे कि नियोजन की गारंटी, रोजगार के लिए प्राथमिकता, कार्य की मांग, बीमा योजना, आदि।
जॉब कार्ड को कहां प्रदर्शित किया जाता है?
जॉब कार्ड को ग्राम पंचायत या MGNREGA कार्यालय में प्रदर्शित किया जाता है। इससे रोजगार के लिए आवेदन किया जाता है और कार्य की मांग की जाती है।
जॉब कार्ड को कैसे उपयोग करें?
जॉब कार्ड को रोजगार की मांग करने के लिए उपयोग किया जा सकता है। आपको अपने जॉब कार्ड के साथ ग्राम पंचायत या MGNREGA कार्यालय में जाना होगा और वहां अपनी मांग पंजीकृत करवानी होगी।
प्रिय दोस्तों उम्मीद करता हूं कि आपको मेरा यह आर्टिकल के माध्यम से समझ आ गया होगा कि मनरेगा योजना क्या होता है व इसमें आवेदन कैसे करवाया जाता है आगे भी इसी तरह आपको अपने आर्टिकल के माध्यम से और स्कीम्स के बारे में जानकारी प्रदान करता रहूँगा। दोस्तों यदि आप मनरेगा योजना से संबंधित कोई और जानकारी पूछना चाहते हैं तो कमेंट करें हम आपके सवालों का जवाब जरूर देंगे।
अन्य पढे – प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना
Sarita Mishra is the founder and chief author of Sarakari Yojna, India’s
Hindi-language hub for government welfare schemes. With 17+ years of
experience researching central and state government programs, she
specializes in rural development schemes, pension programs, farmer
welfare initiatives, and women’s empowerment policies. All articles on
this site are based on official sources including PIB press releases,
ministry notifications, and gazette publications.

2 thoughts on “मनरेगा योजना|MGNREGA Yojana- आवेदन कैसे करे”